Sunday, June 15, 2008
गांधीगीरी नही छोरेगे
Monday, June 09, 2008
एक तस्वीर : बेगुसराय की





Saturday, June 07, 2008
भूल गया सब कुछ पर एक बात न भूली "जुली आई लव यू "
बहुत पहेले ये गाना सुना था की "भूल गया सब कुछ याद नही अब कुछ ,पर एक बात न भूली जुली आई लव यू " उस वक्त मैं इसे गाना की तरह सुनता था पर ये गाना आज की हकीकत बन चुका है । जिधर भी देखता हूँ बस एक ही चीज़ नज़र आती है "जुली आई लव यू "। कभी सुना था की माँ बाप के पैरो मे ज़नत होती है पर यह बात आई लव यू की बुखार मे खो गया है। आज तो भइया ईज़त उसी की है जिसके पास सबसे जायेदा बॉय फ्रेंड या गर्ल फ्रेंड हो । सब इसी सागर मे गोते लगा रहे है । घर मे भले अपने भाइयो से प्यार करे या न करे पर बाहर लरकीयो से सात जन्मों का वादा जरुर करते है । आपनी बहनो को राखी का तोहफा भले भूल जाए पर गर्ल फ्रेंड के लिए तोहफे जरुर याद रहते है । देश के लिए भले जान न दे पर महबूब के लिए सल्फाश की गोली खा कर जरुर जान देंगे बाद मे उसका महबूब दूसरे महबूब के साथ एश करता नज़र आता और माँ बाप अपने बेटे को खोने का गम जिंदगी भर मनाते रहते है । ये जुली पता नही क्या क्या गुल खीलायेगी । और फिर अब तो इनके गोड फादर यानी मटुकनाथ और जुली के किस्से सब जगह बरे चाव से सुनाये जा रहे है । कुछ दिन बाद मंदिरों मे जुली और मटुकनाथ की पूजा की जायेगी। पता नही ये जुली अब क्या क्या हमसे करायेगी ,कही ये जुली के चकर मे सारा जहा ही भूल न बैठे और सारे रिश्ते हम खोकर अपने आप को न भूल जाए और गाते रहे यह गाना "भूल गया सब कुछ याद नही अब कुछ पर एक बात न भूली "जुली आई लव यू "
"संजीत कुमार ,बेगुसराय "
Friday, June 06, 2008
वो छुट गया बेगुसराय
जो लोग अपने घर से बाहर रहते है उन्हें अपना बेगुसराय बहुत याद आता है वो बाहर रह कर अपने घर को नही भूल पाते उन्हें घर की याद सताती है उन्ही मे एक है अम्बाला के रहने वाले राजेश राज ने अपनी बात कविता के द्वारा कही हैजनवरी की कड़ाके की सर्दी , वो बारिशों के महीने ,
Thursday, January 31, 2008
बेगुसराय की पहली अभिनेत्री नीतू सिंह का एक परिचय


उत्तर भारत के उत्तरी बिहार के उत्तर पूर्व जिला बेगुसराय के पोखरिया मोहल्ले में जन्मी और बेगुसराय में शिक्षा प्राप्त करने के क्रम में ही नीतू सिंह का लगाव इप्टा संस्था से हो गया.विभिन्न छोटी-छोटी नाटकों में अपने भावपूर्ण अभिनय से लोगों का ह्रदय जीतने वाली नीतू सिंह ने हिमाचल प्रदेश स्थित ''नाट्य कला अकादमी'' से अभिनय का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी आंखों में सपनों को संजोय मुम्बई की तरफ रूख किया। मुम्बई में संघर्षों के अनवरत दौर को झेलने के बाद किस्मत ने इनका साथ दिया और इन्हें अभिनेत्री के रुप में ''सखी'' फिल्म में काम कराने का मौका मिल। हालांकि इस फिल्म को अत्यधिक लोकप्रियता नही मिली लेकिन लोगों ने इनके अभिनय को सराहा और फिर इन्हें एक के बाद एक फिल्मों में काम कराने का मौका मिलता चला गया। इसी बीच मुख्य अभिनेत्री के रुप में इन्हें खगरिया वाली भौजी'' फिल्म में काम कराने का मौका मिला,जिसमें अपनी अभिनय क्षमता का भरपूर प्रदर्शन कर अपार ख्याति अर्जित की। न सिर्फ फिल्म बल्कि विभिन्न विज्ञापन फिल्मों और टीवी धारावाहिक में भी काम कराने का मौका मिला। वर्तमान में नीतू सिंह दूरदर्शन पर आने वाली धारावाहिक ''एअर होस्टेस'' में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
नीतू सिंह:संक्षिप्त परिचय
नाम: नीतू सिंह जन्म दिन:-९ मार्च
कद:-५'५''
जन्म-स्थान:-बेगुसराय
वर्तमान पता:-स्टेशन रोड,बेगुसराय
फिल्म-प्रवेश:-वर्ष २००५
पहली फिल्म:-सखी
पहली सफल फिल्म:-खगरिया वाली भौजी
पहली टीवी धारावाहिक:-आंखें
वर्त्तमान धारावाहिक:-एअर-होस्टेस
पहला एलबम:-वेबफाई (अल्ताफ राजा के साथ)
योग्यता:-स्नातक
भाषा प्रदर्शन:- भोजपुरी,अंगिका,मैथिली,छत्तीस गढ़
अब तक की फिल्में:-सखी,खगरिया वाली भौजी,सैयां सिपहिया,भाकला जो,दुलरुआ बाबु, झुलानिया ले द राजा जी
आने वाली फिल्में:-मन लागल सनम ससुरारी में,हर-हर गंगे
पसंदीदा पहनावा:-साड़ी
पसंदीदा भोजन:- चिकेन
पसंदीदा अभिनेता:-शाहरूख खान
पसंदीदा अभिनेत्री:-कजोल
पसंदीदा फिल्म:-ब्लैक
बेगुसराय के युवाओं के नाम एक हृदयस्पर्शी संदेश:-सबसे पहले शिक्षित बनें,आत्मविश्वास बढाने का प्रयास करें,अपनी शारीरिक हाव-भाव आकर्षक बनाए और माता-पिता के आशीर्वाद से अपने सपनों को साकार करें।
बेगुसराय के ब्लोग लेखक संजीत कुमार उर्फ़ अप्पू राज ने अभिनेत्री नीतू सिंह से जो बात-चीत की ,उसका संक्षिप्त अंश प्रस्तुत किया गया है .अपनी राय से हमे ज़रूर अवगत करावें। अगर आप नीतू सिंह को कोइ संदेश देना चाहते हैं तो इ मेल पर सम्पर्क करें।
Monday, January 28, 2008
''स्वर-किरण'' अभियक्ति की नई ज़मीन है,जहाँ शब्दों के लहलहाते फसलों की हरीतिमा को आप तक पहुंचाने का एक छोटा प्रयास है आपका अपना ब्लोग्साईट "स्वर-किरण"
संजीत कुमार उर्फ़ ''अप्पू राज़''
